सरहपा का सौन्दर्य

सरहपा हिंदी साहित्य की आदिकालीन परंपरा के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं, जिनकी साधना और रचनाओं में लोकधर्मी सौन्दर्यबोध गहराई से प्रतिफलित होता है। उनकी वाणी में सहजता, सरलता और अनुभवजन्य सत्य की चमक मिलती है। यह शोध पत्र सरहपा के काव्य-सौन्दर्य, जीवन-दृष्टि और उनकी रचनाओं की सांस्कृतिक महत्ता का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

शोध आलेख

प्रो. निरंजन सहाय

4/29/2024