भक्ति काल का लोकवृत्त और रहीम

लेख में भक्ति काल के लोकवृत्त की विवेचना की गई है, जिसमें रहीम की कविताओं को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह दिखाया गया है कि कैसे भक्ति आंदोलन ने जाति-धर्म, भाषा-भेद, सामाजिक पुनर्रचना आदि पर पारस्परिक सहिष्णुता, समानता और लोक चेतना को बढ़ावा दिया।

Prof. Niranjan Sahay, Manish Kumar Yadav

1/31/2024