ब्रितानी हुकूमत और किस्सागो की बगावत
(इस लेख के आरम्भिक हिस्से में दो शिल्प–युक्तियों का इस्तेमाल किया गया है। विचारों को कथा शैली में गुम्फित कर जरूरत के मुताबिक किस्सागो प्रेमचंद की कहानियों में प्रयुक्त संवादों का सहारा लिया गया है जिससे किस्सागोई की तासीर भी बरकरार रहे और विचारों की सान और भी धारदार बने। साथ ही हुकूमत–ए–ब्रितानिया और राजद्रोह से संबंधित देश-काल की परिस्थितियों का पुख्ता अवलोकन हो। प्रेमचंद के जब्तशुदा कहानी संग्रह ‘सोजे वतन’ एवं `समर-यात्रा व अन्य कहानियाँ’ को लेख के मुख्य उपजीव्य के रूप में चयनित किया गया है।)
Prof. Niranjan Sahay, Haribhushan Yadav
11/30/2022


