दक्खिनी हिंदी भाषाई विकास का गुमनाम चरण

'दक्खिनी हिंदी' भाषाई विकास की वह महत्वपूर्ण अवस्था है जो तमाम आपत्तियों के बावजूद अपने समकालीन अन्य साहित्यिक भाषाओं की अपेक्षा वर्तमान हिंदी के बीजतत्व का प्रस्थान बिंदु ज्यादा है। भाषाविदों द्वारा स्थापित मतानुसार इसका काल लगभग 14वीं से 18वीं सदी तक है।

प्रो. निरंजन सहाय

8/30/20011 min read