पुस्तकों के लेखन एवं प्रकाशन की दिलचस्प कहानी
पुस्तकों के लेखन और प्रकाशन की प्रक्रिया जितनी रचनात्मक होती है, उतनी ही जटिल और रोमांचक भी। एक विचार से आरंभ होकर वह कैसे शब्दों में ढलता है, पांडुलिपि बनती है, संपादन, डिजाइन और बाज़ार तक पहुँचती है — यह सफ़र लेखक की कल्पना और प्रकाशक की रणनीति का अद्भुत संगम होता है। प्रस्तुत आलेख में हम जानेंगे कि एक पुस्तक के जन्म की यह यात्रा कितनी दिलचस्प, संघर्षपूर्ण और प्रेरक होती है।
Prof. Niranjan Sahay, Ujjwal Kumar Singh
3/7/2025


