रसखान : भक्ति और लोकवृत्त
भक्ति आन्दोलन की आधारभूत विशेषताओं ने भारत के लोकवृत्त में अनेक आयामों को सम्भव किया। प्रकट रूप में भक्ति की खुमारी और अप्रकट रूप में समाज के शुद्धतावादी कंगूरों की ऐसी मजम्मत जिससे नींव तक की संरचना पुनर्संयोजित हो जाय। यह बात दीगर है कि स्त्रियों, अवर्णों और मुसलमानों ने भक्ति के लोकवृत्त को अधिकाधिक मानवीय और विश्वसनीय बनाया। रसखान की आवाज़ भक्ति की लोकव्याप्ति का ऐसा सुन्दर आख्यान है जिसकी मौजूदगी हमें आज भी रससिक्त कर देती है।
Prof. Niranjan Sahay
1/31/2024


