सम्पत्तिशास्त्रः उपनिवेशवादी दौर में अर्थनीति और स्वदेशी चेतना का उद्घोष

“सम्पत्तिशास्त्रः उपनिवेशवादी दौर में अर्थनीति और स्वदेशी चेतना का उद्घोष” विषयक आलेख में उपनिवेशी शोषण, औपनिवेशिक अर्थनीति और भारतीय स्वदेशी आंदोलन के आर्थिक पक्ष की समीक्षा की गई है। यह लेख स्वावलम्बन, बहिष्कार और स्वदेशी उद्योगों के पुनर्जागरण की ऐतिहासिक चेतना को उद्घाटित करता है।

Prof. Niranjan Sahay

9/1/2025